विरुपाक्ष मंदिर कर्नाटक के हम्पी में स्थित एक सक्रिय हिंदू मंदिर है, जो भगवान शिव और उनकी पत्नी पंपादेवी को समर्पित है। इसका नौ-मंज़िला गोपुरम ऐतिहासिक परिवेश के ऊपर ऊँचा उठता है, और पास की सड़क पर हम्पी बाज़ार फैला हुआ है।
- स्थान: हम्पी, विजयनगर ज़िला, कर्नाटक, भारत
- हम्पी के किसी होटल से: हम्पी के एक होटल से लगभग 0.2 किमी
- घोषित समय: रोज़ खुला रहता है
- पास में: हम्पी बाज़ार, जिसे विरुपाक्ष बाज़ार भी कहा जाता है

मंदिर का स्थान और ऐतिहासिक परिवेश
विरुपाक्ष मंदिर हम्पी में स्थित है, जहाँ मंदिर के कुछ हिस्से विजयनगर साम्राज्य से भी पुराने हैं। हम्पी का यह एकमात्र मंदिर है जहाँ आज भी पूजा-अर्चना होती है।
नौ-मंज़िला गोपुरम हम्पी की दूसरी इमारतों से ऊँचा है और ऐतिहासिक भू-दृश्य में मंदिर को एक अलग पहचान देता है। भीतर, रंग मंडप की छत पर महाकाव्यों और पुराणों के दृश्य चित्रित हैं।
मंदिर भगवान शिव और पंपादेवी को समर्पित है, और इसका धार्मिक महत्व शहर के लंबे इतिहास से जुड़ा है। ऐतिहासिक क्षेत्र के अन्य स्थलों की जानकारी के लिए हम्पी के स्मारक समूह की यात्रा गाइड पढ़ें।

मंदिर में प्रवेश और आगंतुकों के लिए शिष्टाचार
विरुपाक्ष मंदिर आज भी पूजा-अर्चना का सक्रिय स्थल है, इसलिए इसे ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ एक धार्मिक स्थल के रूप में भी देखें।
प्रवेश करते समय या तस्वीरें लेते समय मंदिर में दिए गए निर्देशों का पालन करें और प्रवेश की व्यवस्था के बारे में स्थानीय स्तर पर जानकारी लें।

समय, पूजा-अनुष्ठान और त्योहारों की तारीखें जाँचें
विरुपाक्ष मंदिर के घोषित खुलने के समय अलग-अलग स्रोतों में भिन्न हैं, इसलिए यात्रा की योजना बनाने से पहले स्थानीय स्तर पर समय की पुष्टि कर लें।
खुलने का समय
- सोमवार से रविवार: 6:00–13:00 और 17:00–21:00
आख़िरी बार नवंबर 2026 में जाँचा गया। छुट्टियों और विशेष आयोजनों के दौरान समय बदल सकता है।
प्रकाशित समय-सारिणियों के अनुसार, मंदिर सुबह 06:00 से 12:00–13:00 के बीच और शाम को 16:30–17:00 से 21:00 के बीच खुलता है। जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देखें और स्थानीय स्तर पर पुष्टि करें कि कौन-सा समय लागू है।
कर्नाटक पर्यटन के अनुसार, विरुपाक्ष मंदिर का वार्षिक रथ उत्सव जनवरी–फ़रवरी में होता है, जबकि इनक्रेडिबल इंडिया इसे फ़रवरी में बताता है। इसे किसी विशेष वर्ष की तय तारीख़ नहीं, बल्कि त्योहार के सामान्य मौसम के रूप में लें। यदि आप उत्सव के समय यात्रा कर रहे हैं, तो स्थानीय स्तर पर तैयारियों की पुष्टि कर लें।

मंदिर के साथ हम्पी बाज़ार भी देखें
हम्पी बाज़ार मातंग पहाड़ी के पास से उसकी तलहटी तक एक किलोमीटर से अधिक फैला है, इसलिए मंदिर के साथ इसे देखना आसान है। इसी इलाके में मातंग पहाड़ी के आसपास के नज़ारे देखने के स्थान भी घूमने लायक हैं।
ऐतिहासिक सड़क को विरुपाक्ष बाज़ार भी कहा जाता है और यह मातंग पहाड़ी के नीचे के भू-दृश्य के साथ-साथ चलती है। इसके खुलने का समय 06:00–23:00 दिया गया है; यदि समय आपके कार्यक्रम के लिए अहम है, तो स्थानीय स्तर पर इसकी पुष्टि कर लें।
यदि आप मंदिर और बाज़ार को हम्पी की एक बड़ी यात्रा में शामिल कर रहे हैं, तो हम्पी की एक-दिवसीय यात्रा योजना आपको इन्हें अन्य दर्शनीय स्थलों के साथ व्यवस्थित करने में मदद कर सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
विरुपाक्ष मंदिर किसे समर्पित है?
यह मंदिर भगवान शिव और उनकी पत्नी पंपादेवी को समर्पित है।
क्या विरुपाक्ष मंदिर में आज भी पूजा-अर्चना होती है?
हाँ। हम्पी का यह एकमात्र मंदिर है जहाँ आज भी पूजा-अर्चना होती है।
विरुपाक्ष मंदिर का रथ उत्सव कब होता है?
स्रोतों के अनुसार, यह वार्षिक उत्सव जनवरी–फ़रवरी या फ़रवरी में होता है। तारीख़ों और आम लोगों के प्रवेश की व्यवस्था की पुष्टि स्थानीय स्तर पर कर लें।
हम्पी बाज़ार को और किस नाम से जाना जाता है?
हम्पी बाज़ार को विरुपाक्ष बाज़ार भी कहा जाता है।
