मातंग हिल व्यूपॉइंट हम्पी के नज़ारों का आनंद लेने के तीन अलग-अलग तरीकों में से एक है। बाकी दो हैं मंदिरों से सजी हेमकुटा हिल की ढलानें और अंजनाद्री हिल तक जाने वाली सीढ़ियाँ। इन सैरों में पहाड़ी नज़ारों के साथ मंदिर और तुंगभद्रा नदी के दृश्य भी देखने को मिलते हैं, लेकिन हर जगह का रास्ता और वहाँ पहुँचने का तरीका अलग है।
- हेमकुटा हिल: हेमकुटा हिल मंदिर परिसर सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है।
- मातंग हिल: चढ़ाई पथरीले रास्तों और प्राचीन सीढ़ियों से होकर जाती है।
- अंजनाद्री हिल: सरकारी स्रोतों के अनुसार, चढ़ाई में लगभग 462 से 550 से अधिक सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।

हेमकुटा हिल: मंदिर और दूर तक फैले नज़ारे
हेमकुटा हिल से हम्पी के नज़ारों के साथ ऐतिहासिक मंदिरों और मंडपों का सघन समूह भी देखने को मिलता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, यह पहाड़ी समूह हम्पी में, विजयनगर ज़िले की होसपेटे तालुका में स्थित है। सर्वेक्षण के मुताबिक, इसकी उत्तरी ढलान पर शुरुआती शैली के सबसे उल्लेखनीय मंदिर समूह हैं।
पहाड़ी के कुछ हिस्सों में विशाल पत्थरों से बनी किलेबंदी के भीतर अलग-अलग आकार और संप्रदायों की 30 तक संरचनाएँ मौजूद हैं। बलुआ पत्थर की सबसे पुरानी संरचनाएँ 9वीं–10वीं शताब्दी ईस्वी की हैं और उनमें राष्ट्रकूट शैली की विशेषताएँ दिखाई देती हैं। परिसर के अधिकांश मंदिर भगवान शिव को समर्पित हैं।
यह परिसर सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है। यहाँ रैंप, दिव्यांग आगंतुकों के लिए रास्ते और ब्रेल संकेतक मौजूद हैं। अगर आपकी योजना के लिए सुलभता से जुड़ी सुविधाएँ अहम हैं, तो रवाना होने से पहले उनकी पुष्टि कर लें। हेमकुटा के मंदिर समूह को हम्पी के स्मारक समूह की विस्तृत सैर के साथ देखना भी आसान है।

मातंग हिल: खड़ी चढ़ाई और विहंगम दृश्य
मातंग हिल से हम्पी-विजयनगर, आसपास के भू-दृश्य और तुंगभद्रा नदी का ऊँचाई से नज़ारा दिखाई देता है। विजयनगर ज़िले के अनुसार, यह विरुपाक्ष मंदिर की थेरुबीड़ी के पूर्व में स्थित सबसे ऊँची पहाड़ी श्रृंखला है। कर्नाटक पर्यटन भी इसे हम्पी का सबसे ऊँचा स्थान बताता है।
पथरीले रास्तों और प्राचीन सीढ़ियों से होकर चढ़ाई के लिए तैयार रहें। विजयनगर ज़िले के अनुसार, पहाड़ी पर तीन दिशाओं से चढ़ा जा सकता है, लेकिन हर रास्ते की सीढ़ियों की संख्या या चलने-फिरने की सुविधा से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं है। एक स्थानीय किंवदंती के मुताबिक, इस पहाड़ी का नाम ऋषि मातंग के नाम पर पड़ा, जिन्होंने यहाँ तपस्या की थी।
यह पहाड़ी मंदिरों के लिए भी जानी जाती है। यहाँ के मातंग पर्वत मंदिर परिसर में मातंग वीरभद्र मंदिर शामिल है, जिसे अभिलेखों में मातंग वीरेश्वर या मातंगदेव के नाम से भी जाना जाता है। ज़िले के विवरण के अनुसार, यह चौड़े अहाते वाला उत्तरमुखी मंदिर है।

अंजनाद्री हिल: पहुँच और सीढ़ियों की जानकारी
अंजनाद्री हिल हम्पी से तुंगभद्रा नदी के उस पार, आनेगुंडी के पास स्थित है। यहाँ चढ़कर पहाड़ी की चोटी पर बने हनुमान मंदिर तक पहुँचा जाता है। कोप्पल ज़िला प्रशासन के अनुसार, यह पहाड़ी 516 मीटर ऊँची है और मंदिर विजयनगर काल का है।
सीढ़ियों की लंबी चढ़ाई के लिए तैयार रहें: इनकी संख्या लगभग 462 से 550 से अधिक बताई जाती है। कर्नाटक पर्यटन के मुताबिक, चढ़ाई में करीब 45 मिनट लगते हैं। कोप्पल ज़िला प्रशासन के अनुसार, पहाड़ी की चोटी से हम्पी के स्मारक और नदी दिखाई देते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के नज़ारे भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
अंजनाद्री हिल पर हर साल हनुमान जयंती मनाई जाती है, जिसमें हज़ारों श्रद्धालु आते हैं। इसकी तारीख तय नहीं होती, इसलिए अगर आप इस अवसर के आसपास जाने की सोच रहे हैं, तो स्थानीय स्तर पर जानकारी ले लें।

नज़ारा चुनें और अपनी सैर की योजना बनाएँ
मंदिरों को करीब से देखने के लिए हेमकुटा चुनें, विस्तृत नज़ारे के साथ पथरीली चढ़ाई के लिए मातंग जाएँ या पहाड़ी मंदिर तक लंबी सीढ़ियाँ चढ़ने के लिए अंजनाद्री का रुख करें। इन जगहों के रास्तों और अनुभवों में फर्क जानकर आप अपने समय और अपनी सहूलियत के मुताबिक सैर चुन सकते हैं।
दिन भर की सैर की बेहतर योजना के लिए पहाड़ियों को प्रमुख स्मारकों के साथ जोड़कर हम्पी की एक दिन की यात्रा योजना बनाएँ। मातंग और अंजनाद्री जाते समय, खासकर सूर्योदय, सूर्यास्त या मौसम को ध्यान में रखकर योजना बना रहे हों, तो स्थानीय पहुँच की स्थिति जाँच लें। हेमकुटा के खुलने के समय और सुलभता से जुड़ी जानकारी के लिए जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देखें।
क्लार्क्स इन हम्पी, हम्पी शहर के केंद्र से पैदल लगभग 3 मिनट की दूरी पर है। यहाँ से आप आसपास की सैर की योजना बना सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हम्पी के किस व्यूपॉइंट पर सबसे ज़्यादा मंदिर संरचनाएँ हैं?
हेमकुटा हिल पर पहाड़ी की किलेबंदी के कुछ हिस्सों में अलग-अलग आकार और संप्रदायों की 30 तक संरचनाएँ हैं।
अंजनाद्री हिल की चढ़ाई में कितना समय लगता है?
कर्नाटक पर्यटन के अनुसार, चढ़ाई में लगभग 45 मिनट लगते हैं।
मातंग हिल से क्या दिखाई देता है?
यहाँ से हम्पी-विजयनगर और आसपास का भू-दृश्य, जिसमें तुंगभद्रा नदी भी शामिल है, दिखाई देता है।
